सरकारी खजाने में जमा होगा 52 किलो सोना और 10 करोड़ कैश
आयकर विभाग के सामने सौरभ ने नहीं खोला राज
भोपाल । मध्य प्रदेश आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा ने गिरफ्तारी के इतने दिन बाद भी 52 किलो सोने और कैशकांड का राज नहीं खोला है। आयकर विभाग की टीम ने लगातार पांचवे दिन उससे जेल में पूछताछ की। लेकिन वे आरोपी से ऐसा कोई बयान नहीं उगलवा सके, जिससे आगे की कार्रवाई की जा सके।
सौरभ शर्मा ने 52 किलो गोल्ड और 10 करोड़ रुपए कैश अपने होने की बात अब तक कबूल नहीं की है। न ही उसने यह बताया है कि इसका असली मालिक कौन है। ऐसे में अब सारा सोना और करोड़ों रुपए कैश सरकारी खजाने में जमा किया जाएगा।
आईटी ने बरामद किया था सोना और कैश
गौरतलब है कि 18 दिसंबर को लोकायुक्त ने राजधानी भोपाल में सौरभ शर्मा के घर छापामार कार्रवाई की थी। वहीं ,19 दिसंबर को मेंडोरी गांव के कुछ लोगों ने पुलिस को खाली प्लॉट पर खड़ी एक लावारिस क्रिस्टा गाड़ी के होने की सूचना दी थी, जिसमें 6 से 7 बैग रखे हुए थे। कैश का अंदेशा होने की वजह से आयकर विभाग को सूचित किया गया था, जिसके बाद आईटी की टीम ने कांच तोडक़र अंदर से बैग बाहर निकला। जिसमें 52 किलो सोना और 10 करोड़ रुपये कैश बरामद किया गया था। जिसके बाद से लोकायुक्त के बाद ईडी और आईटी भी सक्रिय हो गई। 27 दिसंबर को जांच एजेंसियों ने सौरभ शर्मा के रिश्तेदारों और सहयोगियों के भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर स्थित आवास में जांच एजेंसियों ने छापामार कार्रवाई की। इस दौरान अलग-अलग ठिकानों पर सर्चिंग के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए।
6 करोड़ से ज्यादा की एफडी बरामद
सौरभ के सहयोगी चेतन सिंह गौर के नाम पर 6 करोड़ रुपये से अधिक की एफडी मिली थी। परिवार के सदस्यों और कंपनियों के नाम पर 4 करोड़ रुपये से अधिक का बैंक बैलेंस भी मिला। 23 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्ति से संबंधित दस्तावेज पाए गए और उन्हें जब्त कर लिया गया।

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