आम आदमी पार्टी छोड़कर 2019 में बीजेपी में हो गए थे शामिल कपिल मिश्रा
नई दिल्ली। दिल्ली में गुरुवार को नई सरकार का गठन हो गया। शालीमार बाग से पहली बार की विधायक रेखा गुप्ता ने दिल्ली की सीएम पद की शपथ ली। वहीं रेखा गु्प्ता की कैबिनेट में 6 मंत्री भी शामिल किए गए। इसमें विधायक कपिल मिश्रा भी शामिल हैं। मिश्रा पहले आम आदमी पार्टी के सदस्य थे, लेकिन 2019 में वे बीजेपी में शामिल हो गए। कपिल मिश्रा अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहते हैं।
कपिल मिश्रा को बीजेपी ने इस बार करावल नगर विधानसभा से टिकट दिया था। उन्होंने इस सीट पर आम आदमी पार्टी के मनोज कुमार त्यागी को हराया है। करावल नगर बीजेपी का गढ़ माना जाता है। 2015 में भी मिश्रा इसी सीट से आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीते थे। 2015 का चुनाव जीतने के बाद केजरीवाल ने उन्हें जल और पर्यटन मंत्री बनाया था, लेकिन 2017 में उन्हें बर्खास्त कर दिया और आप से निलंबित कर दिया गया। मिश्रा ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने केजरीवाल को उनके साले के लिए 50 करोड़ रुपए के जमीन सौदे में मदद की थी। आप से निकाले जाने के बाद कपिल मिश्रा लगातार केजरीवाल पर हमलावर रहे हैं।
साल 2019 में कपिल मिश्रा बीजेपी में शामिल हो गए। 2020 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मॉडल टाउन विधानसभा से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गए। बीजेपी ने अगस्त 2023 में मिश्रा को दिल्ली बीजेपी का उपाध्यक्ष बनाया। वहीं अब वह दिल्ली सरकार में मंत्री के रूप में शपथ लेंगे और काम काम संभालेंगे।
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