नए मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति पर कांग्रेस नेता ने जाहिर की चिंता
राहुल गांधी ने नियुक्ति पैनल की संरचना पर सवाल उठाए
नई दिल्ली । कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने ज्ञानेश कुमार को नए मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त करने पर चिंता व्यक्त की, चयन समिति के गठन को लेकर चल रही कानूनी चुनौती के बीच निर्णय की जल्दबाजी पर सवाल उठाया। कांग्रेस नेता तिवारी ने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव न केवल निष्पक्ष होने चाहिए बल्कि निष्पक्ष प्रतीत भी होने चाहिए, उन्होंने इस कदम की आलोचना कर सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार और संविधान की मूल भावना का उल्लंघन बताया। कांग्रेस सांसद तिवारी ने कहा कि इस मामले के लिए चयन समिति के गठन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। मामले को सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के लिए तैयार हो गया है। इसके बाद इतनी जल्दी क्या थी कि इस दौरान नियुक्ति कर दी गई? ...लोकतंत्र में चुनाव न केवल निष्पक्ष होने चाहिए बल्कि निष्पक्ष दिखने भी चाहिए...यह सुप्रीम कोर्ट और संविधान की मूल भावना की अवमानना है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महीने की शुरुआत में लोकसभा में एक भाषण के दौरान मोदी सरकार के प्रभुत्व वाले पैनल की संरचना पर सवाल उठाए थे। चयन समिति की बैठक में भाग लेने के दौरान राहुल गांधी ने नियुक्ति की प्रणाली पर आपत्ति जताकर एक असहमति पत्र प्रस्तुत किया। इसके पहले चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को भारत का नया मुख्य चुनाव आयुक्त नियुक्त किया था। कानून और न्याय मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 19 फरवरी, 2025 से प्रभावी रूप से चुनाव आयुक्त कुमार को भारत के चुनाव आयोग में मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में नियुक्त करते हैं।
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