पूर्व मंत्री कवासी लखमा को 4 फरवरी तक जेल, मेरे पास एक भी पैसा नहीं- मंत्री बोले
रायपुर: शराब घोटाला मामले में पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा को जेल भेज दिया गया है. ईडी की रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद आज उन्हें विशेष कोर्ट में पेश किया गया, जहां सुनवाई के बाद उन्हें 4 फरवरी तक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है. इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है. ईडी के मुताबिक 2019 से 2022 तक लाइसेंसी शराब दुकानों पर डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बड़ी मात्रा में अवैध शराब बेची गई. इससे छत्तीसगढ़ के राजस्व विभाग को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ. उस दौरान शराब को स्कैनिंग से बचाने के लिए नकली होलोग्राम भी लगाए गए थे।
इस होलोग्राम को बनाने के लिए नोएडा की प्रिज्म होलोग्राफी सिक्योरिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को टेंडर दिया गया था. जबकि वह कंपनी होलोग्राम बनाने के लिए पात्र नहीं थी. इसके बाद भी नियमों में संशोधन कर यह टेंडर उसी कंपनी को दे दिया गया. ईडी का आरोप है कि पूर्व मंत्री और मौजूदा विधायक कवासी लखमा सिंडिकेट का अहम हिस्सा थे. लखमा के निर्देश पर ही यह सिंडिकेट काम करता था। वे शराब सिंडिकेट की मदद करते थे। शराब नीति को बदलने में उनकी अहम भूमिका थी, जिसके चलते छत्तीसगढ़ में FL-10 लाइसेंस की शुरुआत हुई। ईडी का दावा है कि लखमा को आबकारी विभाग में हो रही गड़बड़ियों की जानकारी थी, लेकिन उन्होंने इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।

राशिफल 05 मई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
पांच राज्यों के चुनाव नतीजों ने बदली देश की राजनीति, कहीं कमल की सुनामी तो कहीं सत्ता परिवर्तन का बड़ा संदेश, दो सीएम सहित कई दिग्गज हारे
“भाजपा की ऐतिहासिक जीत का जश्न, मोहन यादव और हेमंत खंडेलवाल रहे शामिल”
हार-जीत लोकतंत्र का हिस्सा: पीएम मोदी का विपक्ष को बड़ा संदेश
पश्चिम बंगाल प्रशासन सख्त, कागजात हटाने पर रोक
ड्रग्स सिंडिकेट पर शिकंजा, सलीम डोला की गिरफ्तारी से बड़ा नेटवर्क उजागर
असम चुनाव परिणाम: NDA की जीत पर हिमंत सरमा का विजय चिन्ह
अप्रैल में भोपाल मंडल का सख्त अभियान, 63 हजार से अधिक केस पकड़े
बंगाल फतह के बाद अनोखा सेलिब्रेशन, भाजपा सांसद का खास अंदाज
अफवाहों का असर: फैन ने भावनात्मक आवेश में लिया बड़ा कदम